स्कूल टाइम में श्वेता को लगता था की एक्टिंग करना कोई बड़ी बात नहीं है उन्होंने स्कूल टाइम में एक नाटक में हिस्सा लिया लेकिन एन मौके पर वह डायलॉग डिलीवरी भूल गयी उन्हें बहुत बुरा लगा एक वजह यह भी है
एक खास बात श्वेता को भीड़ भाड़ और कैमरे से भी डर लगता है वो इन सब चीजो से दूर रहती है और फिल्मो में न आने का फैसला उनका ही था न की उनके परिवार का । श्वेता को लिखने का शोक था और वो पत्रकारिता से भी जुडी हुयी है