हनुमान जी जिनके बिना तो श्री राम भी अधूरे माने जाते हैं।  हनुमान जी पराक्रमी और बुद्धिमान हैं पर फिर भी हनुमान जी सिर्फ श्री राम के अधीन रहते हैं।  वैसे हनुमान जी में बल और बुद्धि श्री राम से भी ज्यादा है पर वो अपने प्रभु का अपमान कभी नहीं करते हैं।  आपने हनुमान जी के बारें में टीवी और शास्त्रों में अनेक देखा और पढ़ा होगा।  पर आज हम जो बातें आपको बताने वाले हैं उनके बारे में शायद ही आपने कहीं पढ़ा और सुना होगा।  वैसे हनुमान जी के बारें में यह रोचक बाते बहुत कम लोगों को पता है, उम्मीद हैं की आपको यह जानकारी देने वाले हम पहले होंगे।  

शिव –पार्वती और हनुमान जी – आपको याद होगा की हनुमान जी ने रावण की लंका को आग लगाई थी पर उसके पीछे के बहुत ही अच्छी कहानी है जो किसी को भी पता नहीं है।  कहते हैं की एक बार शिव और पार्वती जी ने कुबेर से एक सोने का महल बनवाया था पर रावण ने छल से वो महल शिव शंकर से ले लिया था ऐसे में माँ पार्वती बहुत गुस्सा हुई और बोली की इसी महल को मुझे जलाना है तो शिव जी ने वरदान दिया की मैं जब वानर रूप में रावण का उद्धार करूंगा तब तुम मेरीपूँछ बन जाना और ऐसा ही हुआ पूंछ से हनुमान ने लंका नगरी को आग लगा दी थी।  

हनुमान जी बैठाया गया पंक्ति में – कहते हैं की एक बार सीता माता ने हनुमान को भोजन पर बुलाया और हनुमान जी भोजन को आये।  कारणवश उस दिन श्री राम महल में नहीं थे तो उन्होंने श्री राम के आदेश के बिना भोजन शुरू किया पर हनुमान जी का पेट भर ही नहीं रहा था।  महल में जितना राशन था सब खत्म हो गया परहनुमान जी अपने खाने को हजम करते ही जा रहे थे।  माता सीता ने हारकर महल में लगी तुलसी के पते में राम का नाम लिखकर उस पते को हनुमान को परोसा तो हनुमान जी खुश हो गये और उनका पेट भर गया।