sakndmata


स्कंदमाता इनकी पूजा नवरात्रा के पांचवे दिन होती है। इनकी पूजा करना सबसे अहम माना जाता है। कहा जाता है की यदि नवरात्रा के पांचवे दिन इनकी पूजा ना की जाए तो आपके नवरात्रा अनुष्ठान में प्रॉब्लम आ सकती हैं। कहा यह भी जाता है की नवरात्रा के नौ दिनों में माता अपने भक्तों की  भक्ति से खुश होकर उन्हें सफल होने का फल देती हैं।

माता की अराधना – माता की अराधना करने के लिए आपको नित्य कर्म से निर्वित होकर माता का ध्यान लगाना है। बुरे ख्यालों को त्यागकर सिर्फ माता का ही नाम लेना है यदि आप माता का नाम लेने में सफल रहते हो तो माता आपपर खुश हो जायेगी। कहा जाता है की नवरात्रा के पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा के अनेक फल मिलते है। इस माता की भी उसी तरह ही पूजा होती है जैसे और माताओं की नवरात्रा में पूजा होती है।

माता की पूजा के मिलते है अनेक फल – कहते है की स्कंदमाता की पूजा करने से अनेक फल मिलते है। पढाई में अव्वलता से लेकर नौकरी में प्रमोशन और घर में शान्ति बनी रहती हैं। माता की पूजा के अनेक लाभ हैं यदि सालों के बाद भी किसी को पुत्र या कोई महिला बाँझ है तो उसे भी पुत्र प्राप्ति का वरदान मिलता है।

यह मंत्र अवश्य पढ़ें – स्कंदमाता की पूजा करते वक्त एक मंत्र अवश्य पढ़े, इस मंत्र के जप करने से माता प्रसन्न होती है और अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है। यदि आप भी इसका अनुसरण करते हो तो आपको भी अनेक सफलताओं का वर मिलेगा।1

सिंहसनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥

खुशियों का अवागमन होता है माता की पूजा से – यदि आप भी स्कंदमाता की पूजा करते हो तो आपको भी अनेक तरह के फल मिलेंगे। हर तरफ से आपके घर में खुशियाँ आने लगेगी। यदि आपका रिश्ता नहीं हो रहा है या नौकरी नहीं लग रही है तो वो सब होगा जो आप चाहते हो।