शनि देव: जब भी कुछ देते हैं तो सभी का बेड़ा पार हो जाता है और जब लेते है तो बहुत ही बुरा हाल कर देते हैं। हर इंसान शनि देव के प्रकोप से बचना चाहता है पर शनि देव किसी को भी बख्सते नहीं हैं। शनि देव को न्यायधीश की उपाधि मिली हुई है और वो इंसानों का ही नहीं भगवानो का भी न्याय करते हैं। शनि देव ने अपने माता-पिता को भी अपने प्रकोप से नहीं वंचित नहीं रखा तो इंसान कौन है। सब जानना चाहते हैं की इस साल शनि देव किस जाती या किस वर्ग के लोगों को अपना प्रकोप दिखाएँगे तो आज हम आपको इस पोस्ट के अनुसार बता रहे हैं।
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शनि देव मकर और कुंभ राशी के  स्वामी माने जाते हैं – शनि देव हमेशा मकर और कुंभ राशि वालों के स्वामी माने जाते हैं। इन राशी वाले लोगों के लिए शनि देव कभी अच्छे तो कभी बुरे बनते हैं। इन राशी वाले लोगों को शनि देव के अधीन रहना पड़ता हैं। कहा जाता है की इस राशी के लोग भगवान शनि देव को सदैव पूजते हैं।

शास्त्रानुसार शनि देते है ऐसा पीड़ा – शनि देव सूर्य पर प्रभावी होते है तो व्यक्ति को पितृ सुखों की कमी होती है। शनि हमेशा अपने दोष इस तरह दिखाते हैं। बार बार कमजोर होना, बाधाएं आना, मृत्यु का सामना और नपुंसकता। वैसे शनि देव हमेशा प्रकृति में संतुलन  बनाये रखते हैं। शनि देव हमेशा पापी को पाप का भोगी मानता हैं।
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वृश्चिक और धनु राशि में प्रवेश – शनि देव 26-1-2017 को रात 9:34 पर वृश्चिक और धनु राशि में प्रवेश करेंगे। मकर राशी के अनके जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होगी। वृशिक राशी हेतु यह उनकी साढ़ेसाती का अंतिम चरण होगा। कन्या राशी के लोगों के लिए बहुत लाभकारी होंगे शनि देव।

शनि देव दयालु भी हैं – यदि शनि देव की सही तरीके से पूजा की जाए तो शनि देव हमेशा दयालु रहते हैं। शनि देव जब भी राशी में प्रवेश करते है तो किसी के लिए अच्छा तो किसी के लिए बुरा कर जाते हैं। शनि देव हमेशा पराक्रमी माने गये हैं। हमारी साईट पर आपको शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए अनेक उपाए मिल जायेंगे।
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